मारवाह स्टूडियो में 24 अक्टूबर को मशहूर पेंटरों ने अपनी चित्रकारी का प्रदर्शन किया

0
58
painters in marwah

चित्र भावनाओं की अभिव्यक्ति का सबसे बड़ा माध्यम है और वर्तमान समय में भी माना जाता है कि एक चित्र हजारों शब्दों के बराबर अभिव्यक्ति करता है। कलात्मकता के इसी हुनर से चित्रकारी की दुनिया में अलग पहचान बनाने वाले मशहूर पेंटरों ने मारवाह स्टूडियो में 24 अक्टूबर को अपनी चित्रकारी का प्रदर्शन किया।

चित्र भावनाओं की अभिव्यक्ति का सबसे बड़ा माध्यम है और वर्तमान समय में भी माना जाता है कि एक चित्र हजारों शब्दों के बराबर अभिव्यक्ति करता हैI कलात्मकता के इसी हुनर से चित्रकारी की दुनिया में अलग पहचान बनाने वाले मशहुर पेंटरों ने मारवाह स्टूडियो में 24 अक्टूबर को अपनी चित्रकारी का प्रदर्शन कियाI    मारवाह स्टूडियों में ईरान के दूतावास के साथ मिलकर एक शानदार प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें देश विदेश की मानी जानी हस्तियों ने भाग लिया और अपनी-अपनी कलात्मकता का प्रदर्शन कियाI ICMEI के प्रेसिडेंट संदीप मारवाह ने कहा कि भारतीय चित्रकारी का इतिहास बड़ा ही गौरवशाली रहा है और भारत के साथ ईरान से चित्रकला के सम्बन्ध प्राचीन काल से है, अपनी सभ्यता और संस्कृति को चित्रों के माध्यम से सजो कर रखना हमारी जिम्मेदारी है और हमें उस पर गर्व होना चाहिए, जो दुनिया के लिए मिशाल है I   इस कार्यक्रम में होजातुल्ला अब्दे (डिप्टी कल्चरल काउंसलर, ईरान) की गरिमामयी उपस्थिति रही जिसमे उन्होंने कहा कि इस चित्रकला प्रदर्शनी के माध्यम से भारत और ईरान के बीच आपसी सम्बन्ध और भी मजबूत होंगे, ईरान के प्रसिद्द पेंटर महबूबे निकोघदम की प्रसिद्द पेंटिंग ने सभी दर्शकों को खूब आकर्षित किया I  यह पेंटिंग एक्जीविशन दुनिया के कई  देशों में  लगायी गयी और भारत में मुंबई  के बाद  दूसरी बार इसका आयोजन नॉएडा के मारवाह स्टूडियो, में किया गया I
मारवाह स्टूडियों में ईरान के दूतावास के साथ मिलकर एक शानदार प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें देश विदेश की मानी जानी हस्तियों ने भाग लिया और अपनी-अपनी कलात्मकता का प्रदर्शन कियाI ICMEI के प्रेसिडेंट संदीप मारवाह ने कहा कि भारतीय चित्रकारी का इतिहास बड़ा ही गौरवशाली रहा है और भारत के साथ ईरान से चित्रकला के सम्बन्ध प्राचीन काल से है, अपनी सभ्यता और संस्कृति को चित्रों के माध्यम से सजो कर रखना हमारी जिम्मेदारी है और हमें उस पर गर्व होना चाहिए, जो दुनिया के लिए मिशाल है।

इस कार्यक्रम में होजातुल्ला अब्दे (डिप्टी कल्चरल काउंसलर, ईरान) की गरिमामयी उपस्थिति रही जिसमे उन्होंने कहा कि इस चित्रकला प्रदर्शनी के माध्यम से भारत और ईरान के बीच आपसी सम्बन्ध और भी मजबूत होंगे, ईरान के प्रसिद्द पेंटर महबूबे निकोघदम की प्रसिद्द पेंटिंग ने सभी दर्शकों को खूब आकर्षित किया।
यह पेंटिंग एक्जीविशन दुनिया के कई देशों में लगायी गयी और भारत में मुंबई के बाद दूसरी बार इसका आयोजन नॉएडा के मारवाह स्टूडियो, में किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here