Privacy: मुझे अपनी आईडी और पासवर्ड दें, मुझे आपकी गोपनीयता चाहिए

0
216
Privacy
Privacy

Privacy:- राजनीतिक पार्टियों को चुनावों में फायदा पहुंचाने के लिए यूजर डेटा को यूज करने के मामले में कई सोशल साइटों पर संगीन आरोप लगे। जिसके बाद राजनीतिक पार्टियों ने (मुख्यत: कांग्रेस और बीजेपी) निजता पर कई सवाल खड़े कर दिए। पार्टियां ये दिखाना चाही कि वो लोगों की निजता को लेकर कितना सजग हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।

निजता का हो रहा है खात्मा

कैंब्रिज एनालिटिका (CA) के एक पूर्व कर्मचारी ने खुलासा किया कि क्रांग्रेस पार्टी भारत में इस कंपनी (CA) की ग्रहाक थी। बता दें कि CA वहीं कंपनी है जिस पर साल 2014 में 5 करोड़ फेसबुक डेटा चोरी करने का आरोप लगा है। वहीं बीजेपी पर आरोप लगा कि पीएम मोदी द्वारा लॉन्च किया गया मोबाइल एप्लिकेशन यानी नमो ऐप को यूज करने वालों का डेटा चुराकर अमेरिका की एक कंपनी को दे दिया गया। भाजपा ने तमाम आरोपों से पल्ला झाड़ लिया। खास बात ये है कि केवल भारत ही नहीं बल्कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत पर भी निजी जानकारियों के साथ खिलवाड़ करने को लेकर कई सवाल उठ चुके हैं।

खतरे में निजता

  • निजता का खात्मा एक घटिया अफसाने की तरह है। कम से कम इंटरनेट यूजर्स के लिए तो बेहद तकलीफदायक है। सबसे डरा देने वाली बात ये है कि इसका प्रयोग सियासी फायदों के लिए किया जा रहा है।डिजिटल युग में डेटा ही पूंजी है।
  • इसका इस्तेमाल गलत तरीके से किया जा रहा है। ये विडंबना है कि देश की बड़ी पार्टियाों ने आज तक निजता को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। और सौ बात की एक बात कि यही पार्टियां एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में उलझे हैं।

हालांकि भारत में फिलहाल ये कहना की निजी जानकारियां जुटाकर सियासत में फायदा लिया जा सकता है तो ये बात 10 साल की लंबी छलांग लगाने जैसा है। साल 2018 की ग्लोबल डिजिटल रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इंटरनेट की पेंठ 34 फीसदी है। वहीं अमेरिका में इंटरनेट की पैंट 99 फीसदी है। इस रिपोर्ट को देखने के बाद इतना तो साफ है कि फिलहाल इंडिया में निजी डेटा के बदौलत कोई राजनीतिक पार्टी चुनाव नहीं जीत सकती है।

अमेरिकी सीनेट में हुई सुनवाई

Facebook के सीईओ मार्क जुकरबर्ग अमेरिकी सीनेट में कहा कि facebook उनका भी data लेता है जो उसके नॉन रजिस्टर्ड यूजर हैं और internet का इस्तेमाल बखूबी करते हैं। बता दें कि अमेरिकी सीनेट और प्रतिनिधि सभा में मार्क जुकरबर्ग से घंटो सुनवाई चली। गौर करने वाली बात ये है कि इस दौरान मार्क ने इस चीज का जिक्र नहीं किया कि भविष्य में कंपनी का मॉडल बदलेंगे या नहीं। और ना ही उन्होंने वायदा किया कि facebook की सुरक्षा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा।

सुनवाई के दौरान एक डेमोक्रेट सांसद द्वारा एक सवाल पूछे जाने पर मार्क ने जवाब में कहा कि data पर यूजर का पूरा नियंत्रण है। उन्होंने बताया कि उनका भी डेटा लीक हुआ है। उन्होंने कहा कि मई से फेसबुक यूजर्स को एक नया प्राइवेसी का ऑप्शन मिलेगा।

यह भी पढ़ें: स्टेैमिना बढ़ाने के लिए पीएम मोदी जो खाते हैं वो हमारे और आपके बस की नहीं है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here