जैन समाज भारत की ‘गिरनार बचाओ आंदोलन’ को लेकर हुई बैठक, यहां जानें जैन समाज की 6 मांगे

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श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा कार्यालय नई दिल्ली पर समस्त जैन समाज भारत की एक विशेष बैठक 11 सितम्बर 2018 के ‘गिरनार बचाओ आन्दोलन’ जंतर मंतर नई दिल्ली को लेकर हुई। जिसकी अध्यक्षता श्री निर्मल कुमार जैन सेठी ने की।

गौरतलब है कि 19 जुलाई, 2018 को भगवान नेमीनाथ के मोक्षकल्याणक दिवस पर जैन यात्रियों को हमारे पवित्र पहाड़ गिरनार जी, जहां से हमारे 22वें तीर्थंकर नेमीनाथ जी ने तपस्या कर मोक्ष प्राप्त किया है, पर वहां के महन्तों और पुलिस द्वारा सदियों की प्रथा एवं हाईकोर्ट के आदेश को दर किनार कर निर्वाण लाडू तथा अर्घ्य नहीं चढ़ाने दिया और पूजा नहीं करने दी।

जैन समाज की 6 मांगे

जैन समाज की मांगे ना केवल धार्मिक आस्था पर आधारित हैं, बल्कि इसका रिकॉर्ड भारत सरकार के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट़ों, प्रत्यक्षदर्शी निष्पक्ष इतिहासकारों की रिपोर्ट़ों एवं सरकारी गजेटीयर्स पर आधारित है,

  • गिरनार पर्वत पर जो महन्त रहते हैं, उनको वहां से यथाशीघ्र हटाया जाये
  • जो भी नव निर्माण पांचवी टोंक पर व अन्य जगहों पर किये गये हैं, गुजरात सरकार उसको पुरातत्व के कानून के अनुसार तत्काल हटाने का कार्य करे।
  • जैन समाज एक अहिंसावादी अल्पसंख्यक समाज है। इसके साथ कोई भी बहुसंख्यक वर्ग अत्याचार करता है और उनके पूजा स्थलों/तीर्थ़ों को हथियाने की चेष्टा करता है तो भारत सरकार और प्रदेश सरकार का अल्पसंख्यक जैन समाज के संरक्षण का उत्तरदायित्व बनता है।
  • अतिक्रमणकारियों को अपना खुला सहयोग, नवनिर्माण के कार्य़ों लिए एवं आने वाले जैन तीर्थ यात्रियों को रोकने व प्रताड़ित करने में दिया जा रहा है, इसको तत्काल रोका जाये।
  • कुछ वर्ष़ों पूर्व पांचवी टोंक की छत्री क्षतिग्रस्त हुई थी, उसका पुननिर्माण का कार्य पूर्व की भांति जेन समाज के बंडी कारखाने को ही मिलनी चाहिये
  • पांचवी टोंक पर जैन तीर्थ यात्री अम्बुज जैन निवासी रामनगर, दिल्ली ने दिनांक 19 जुलाई को ‘नेमीनाथ भगवान की जय’ बोली है, तो पुलिस ने उनकी पिटाई की

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