छात्र नेता के. विश्वा कैसे बना ‘हिम्मतवाला’, यहां जानें

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के. विश्वा
के. विश्वा

रांची विश्वविद्यालय का छात्र नेता और पूरे झारखंड में युवाओं को प्रेरित करने वाला 24 वर्षीय के. विश्वा ने झारखंड के एक छोटे से शहर हरिहरगंज में पूरे शहर वासियों को न्याय की लड़ाई के लिये ऐसा प्रेरित किया कि पूरा शहर बंद हो गया। हरिहरगंज चूनु स्वर्णकार व्यवसायी के घर हत्या और हमले पर जब पूरा इलाका भय से कांप रहा था, तब सौम्य स्वभाव का दिखने वाला यह लड़का पूरे शहर के व्यवसायी और नौजवानों को जगाया। के. विश्वा ने ऐसी चिंगारी लगायी कि बस पूरा शहर इसके इशारे पर चलने लगा। इतना ही नहीं के. विश्वा के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकला।

हिम्मतवाला के. विश्वा बना मसीहा

के. विश्वा के इस कदम से कई लोग प्रभावित हुए। शहर के हर समाजसेवी के. विश्वा के साथ जुड़ने लगे। छात्र नेता के. विश्वा के आह्वान पर शहर के व्यवसायी और नौजवानों ने हरिहरगंज बंद को सफल बनाया। अखबार से लेकर पत्रकार तक इस नौजवान को तकने लगे। बता दें कि इस संघर्ष का फल मिला और हरिहरगंज वासियों की मांगे आखिरकार पूरी हूई। प्रशासन ने घूटने टेके। पूरे शहर ने विश्वा को अपने सर पर बैठा लिया। लेकिन एक 25 साल के लड़के के पास इतनी हिम्मत आई कैसे? आम लड़कों की तरह दिखने वाले के. विश्वा चट्टान की तरह कैसे पुलिस प्रशासन के सामने चुनौती बन कर खड़े रहे। वाकई ये हैरान कर देने वाला है।

  •  ‘युवा शक्ति जिंदाबाद’

के. विश्वा ने बस एक ही नारा दिया था जिस पर हरिहरगंज प्रखंड के सारे युवाओं के रक्त धमनी तेज हो गयी। वह नारा था ” युवा शक्ति जिंदाबाद “। के.विश्वा से जब पूछा गया कि आपके पिता क्या करते हैं, तो जवाब था पापा नहीं हैं । आप जरा सोचिए कि एक 25 साल के युवा के पास इतनी साहस कहां से आयी। क्या पलामू के नौजवानों में ऐसे युवा नहीं हैं। के. विश्वा ने जिस तरह साहस का प्रदर्शन किया उसे देखने के बाद युवाओं में भी जोश आया क्योंकि विश्वा ने तो जगाया था, पर बाकी लड़ाई युवाओं ने ही लड़ी थी। काश ऐसे युवा हर गांव में होता। हर शहर में होता। इस लड़के को जान की कई परवाह नहीं है। ऐसा लगता है एक युवा नेता का आगाज है।

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