Ram mandir issue पीएम मोदी को अयोध्या से बेरूखी क्यों है, मोदी क्यों नहीं आते ram janmabhoomi Ayodhya ?

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Ram mandir issue अब तक अयोध्या क्यों नहीं गए नरेंद्र मोदी?
( Ram mandir issue )

Ram mandir issue

Ram mandir issue साल 2019 लोकसभा चुनाव बेहद निकट है। ऐसे में लोगों के मन में राम मंदिर( Ram mandir issue ) से जुड़े सवालों का भंवर लगातार मजबूत होता जा रहा है। राम मंदिर( Ram mandir issue ) बने या ना बने, जो बात लोगों को सबसे ज्यादा सता रही है वो ये कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। लोगों को ज्यादा बुरा इसलिए भी लग रहा है क्योंकि साल 2014 की यादें अब तक लोगों के जहन में मौजूद है।

Ram mandir issue मोदी क्यों नहीं आते ram janmabhoomi

Ram mandir issue अब तक अयोध्या क्यों नहीं गए नरेंद्र मोदी?

अयोध्या में लोगों की सबसे बड़ी शिकायत है- “मोदी जी बनारस से लेकर मगहर तक चले गए, विश्व भर में घूम-घूम कर मंदिर, मस्जिद और मज़ार पर जा रहे हैं लेकिन पीएम मोदी को अयोध्या से पता नहीं क्या बेरुख़ी है?” सरकार के पास फिलहाल कोई बहाना नहीं है क्योंकि केंद्र में 4 साल बीजेपी ने सरकार में बिता दिए, राज्य में 1.5 साल भी सरकार बनाए हो रहा है, बहुमत भी लगभग हर जगह है। हालांकि सरकार ने बचने का नया तिकड़म भिड़ाया है, कोर्ट का।

खास बात है कि अयोध्या, राम मंदिर ( Ram mandir issue ) और बीजेपी का राजनीतिक संबंध भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है। इस बात को बीजेपी भी बखूबी जानते हैं। यूपी ही नहीं बल्कि पूरे देश में बीजेपी को राजनीतिक पहचान दिलाने में अयोध्या और राम मंदिर की कितनी भूमिका रही है, ये सभी अच्छे से जानते हैं।

  • बीजेपी नेता भी बचते हैं 

इतना ही नहीं साल 1991 में यूपी में बीजेपी की जब पहली बार कल्याण सिंह के नेतृत्व में सरकार बनी थी तो मंत्रिमंडल शपथ लेने के बाद अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए आया था।
पिछले साल यूपी में जब से योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनी है तब से अयोध्या के विकास के लिए केवल तमाम घोषणाएं ही नहीं की गईं बल्कि दीपावली के मौक़े पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।
ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि पहली बार केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाले पीएम नरेंद्र मोदी का बतौर प्रधानमंत्री 4 साल से ज़्यादा समय बिताने के बावजूद अयोध्या न आना, हैरान कर देता है। और इस सवाल पर बीजेपी नेता इस बारे में बात करने से थोड़ा पीछे हटते हैं।

  • क्या पीएम के समय नहीं है 

अब ये अगर कहा जाए कि प्रधानमंत्री के पास समय नहीं है तो हम भी मानते हैं कि समय का अभाव हो सकता है लेकिन हंसी तब आती है जब पीएम संसदीय क्षेत्र वाराणसी की बार-बार यात्रा करते हैं साथ और शहरों में भी जाते हैं, लेकिन अयोध्या जाने का समय उनके पास नहीं है। ये बात थोड़ा सोचने पर मजबूर करती है। यही नहीं पिछले ही साल विधानसभा चुनाव के दौरान यूपी में हुई दर्जनों जनसभाओं में उन्होंने कहीं भी अयोध्या या राम मंदिर ( Ram mandir issue ) का कोई ज़िक्र ही नहीं किया।
इतना ही नहीं पीएम मोदी एक जनसभा के दौरान यहां तक कह दिया कि ”पहले शौचालय फिर देवालय”।
चुनावी मजबूरियां

  • विकास पुरूष हैं मोदी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसलिए भी इस मुद्दे से बचते हैं कि वो चाहते हैंं कि उनकी छवि विकास पुरूष वो बदले  नहीं।हिंदूवादी संगठनों के लोगों से बात करने पर ऐसा लगता है कि पीएम मोदी की अयोध्या से ये ‘बेरुख़ी’ उन्हें न सिर्फ़ हैरान करती है, बल्कि इस बात से उनके भीतर एक क्षोभ भी है।

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मजबूरी जो भी हो ये सवाल तो अपने आप बहुत बड़ा है। आप भी चाहें तो इस पर अपनी राय कमेंट के जरिए हमें बता सकते हैं।

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