Sanju movie पत्रकार बलजीत ने बताया कि कैसे उन्हें सबसे पहले संजय दत्त के मुंबई धमाकों के कनेक्शन का पता चला था

क्या 'संजू' का संजय दत्त वही है जिसे दुनिया जानती है? फिल्म में वही है जो संजय दत्त देश को कहना चाहते थे।

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sanju movie

Sanju movie 

बॉलीवुड स्टार संजय दत्त के जीवन संघर्ष पर बनी Sanju Movie को सिनेमा प्रेमियों ने हाथों-हाथ लिया है. केवल 3 दिनों में ही फ़िल्म ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा लिए हैं. ‘संजू’ में संजय दत्त के जीवन के तमाम परेशानियों और उतार-चढ़ावों को इस तरीके से फ़िल्माया गया है जिसकी वजह से फिल्म के मुख्य पात्र के प्रति एक सहानुभूति का भाव सामने प्रकट होता है.

Sanju movie reality check

गौर करने वाली बात ये है कि Sanju Movie में मीडिया और मीडिया के कामकाज पर जमकर निशाना साधा गया है। आज के दौर का सबसे आसान निशाना मीडिया. इस फिल्म में भी ये दर्शाया गया है कि मीडिया रिपोर्टों की वजह से ही संजय दत्त मुंबई ब्लास्ट धमाके वाले मामले में फंसे।

चलिए आपको बताते हैं कि इस मामले में संजय दत्त से जुड़ी खबर सबसे पहले कब और कहां छपी थी. उम्मीद है कि आप लोगों ने फिल्म को सिनेमाघरों में देख लिया होगा और मीडिया के प्रति एक विचार भी गढ़ लिया होगा. ऐसे में आपके सामने जो मैं लिखने जा रहा हूं उसे पढ़ें और वापस से एक बार विचार करें. आपसे अनुरोध है कि इस पोस्ट को आप पूरा पढ़ें, मतलब अंत तक.

  • पत्रकार बलजीत परमार ने की थी खबर को ब्रेक ( Sanju Movie )

तो बात 16 अप्रेल 1993 की है जब पहली बार पूरी दुनिया को संजय दत्त के मुंबई धमाकों के कनेक्शन का पता चला था. बता दें कि मुंबई के एक टैबलायड ‘डेली’ में ये खबर पहली बार छपी थी.

इस ख़बर का शीर्षक था- ‘संजय हैज़ एके-56 गन’. इस ख़बर को कवर किया था मुंबई के ही क्राइम रिपोर्टर बलजीत परमार ने. उस समय उस अख़बार के संपादक हुआ करते थे रजत शर्मा.

मीडिया से बलजीत परमार ने बात करते हुए कहा कि “वो 12 अप्रैल का दिन था, मुंबई में बम धमाकों के एक महीने पूरे हुए थे, तो मैं माहिम पुलिस स्टेशन गया हुआ था. मुंबई पुलिस बम धमाकों के मामले की जांच कर रही थी. और मुझे पुलिस से कुछ सुराग मिलने की थोड़ी बहुत उम्मीद थी. संयोग्य से स्टेशन के बाहर ही एक IPS अधिकारी मुझे मिल गए, उनसे मैंने पूछा कि मामले में नया क्या पता चला है तो उन्होंने मेरे से कहा कि आपके ही सांसद के बेटे का नाम आ रहा है.”

( Sanju Movieबलजीत परमार ने इस पर खूस सोच विचार किया लेकिन उन्हें कुछ समझ नहीं आया. हालांकि उनकी जगह से सुनील दत्त उस वक्त सांसद थे. दरअसल दत्त साब की छवि कुछ ऐसी थी बलजीत उनके बारे में सोच भी नहीं पाए. अब इस बात का पता लगाने बलजीत तुरंत ही माहिम पुलिस स्टेशन और मुंबई बम धमाके की जांच से जुड़े एक दूसरे पुलिस अधिकारी से बात की.

बलजीत परमार बताते हैं कि मैंने मामले की जांच कर रहे एक अफ़सर से पूछा कि आप लोगों ने सांसद के बेटे को उठा लिया है पूछताछ कर रहे हैं तो अफसर ने मुझे कहा कि अभी तक तो उठाया नहीं है, वो कहीं शूटिंग के लिए देश से बाहर हैं. उनके आने पर देखेंगे. शूटिंग का नाम सुनते ही बलजीत का दिमाग दौड़ा, वो समझ गए कि ये मामला सुनील दत्त से जुड़ा हो सकता है. उस वक्त उनके बेटे संजय दत्त स्टार एक्टर थे. ( Sanju Movie )

  • संजय दत्त के साथियों ने उगले थे राज़ ( Sanju Movie )

बलजीत को ये भी जान चुके थे कि संजय ‘आतिश’ फ़िल्म की शूटिंग के लिए मॉरीशस गए हुए थे. और धीरे-धीरे बलजीत ने पूरी कहानी बटोर ली। सूत्रों के हवाले से उन्हें ये जानकारी हो गई थी कि कैसे संजय दत्त के पास एके-56 जैसे हथियार रखे गए थे. दरअसल ये सारी बातें संजय के दोस्त समीर हिंगोरा और यूसुफ़ नलवाला ने पुलिस को बता दी थीं. बता दें कि दोनों शख्स उस समय संजय दत्त की फ़िल्म ‘सनम’ के प्रोड्यूसर थे.

संजय दत्त के फ़ोन करने के सिलसिले में बलजीत कहते हैं कि मैंने पूरी स्टोरी तैयार कर ली थी. लेकिन ऐसा है कि जब आप किसी के ऊपर कोई सा भी आरोप लगाते हैं तो उसका पक्ष भी शामिल करते हैं. इसीलिए मैंने 13 अप्रैल को फोन लगाया दत्त साहब को. फोन से मुझे पता चला कि वे घर पर नहीं हैं.

  • जब संजय दत्त ने बलजीत को फोन किया ( Sanju Movie )

मुझे ये पता चला कि दत्त साब किसी काम से जर्मनी गए हुए हैं. उनके एक करीबी से पता चला कि दत्त साब लंदन के लिए निकल गए हैं. इसी बीच 14 अप्रैल को सुबह तकरीबन 8 बजे संजय दत्त का फ़ोन घर के लैंडलाइन पर आया.

संजय दत्त ने मेरे से पूछा कि आप कुछ जांच पड़ताल कर रहे हो, दत्त साब तो बाहर गए हुए हैं, क्या बात है? मैंने उनसे कहा कि उनके दोस्त समीर हिंगोरा और यूसुफ़ नलवाला ने मुंबई पुलिस के सामने सब कुछ उगल दिया है कि किस तरह से आप तक ऐ-के 47 और हैंड ग्रेनेड पहुंचाया गया था. जल्द ही कानून का शिकंजा आप पर कसने वाला है. संजय दत्त ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता.

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इसके कुछ घंटो बाद संजय का दोबारा फोन आया. संजय ने बलजीत से कहा कि आपके पास गलत खबर है, आप ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं, तो बलजीत ने कहा कि आपके साथियों ने सब कुछ उगल दिया है, मैं क्या ब्लैकमेल करूंगा. इसके बाद संजय ने कहा कि अब क्या हो सकता है. इसके जवाब में मैंने उनसे कहा कि हथियार पास में हैं तो आप सरेंडर कर दो, हथियार के साथ अगर ऐशा करोगे तो आपके साथ रियायत हो सकती है लेकिन पुलिस ने अगर आपके घर से हथियार को पकड़ लिया तो फिर आप लंबा फंस सकते हैं.

  • जब गिरफ़्तार हुए संजय दत्त ( Sanju Movie )

आखिरकार 15 अप्रैल को बलजीत परमार की स्टोरी छपी जो उनके अख़बार में लीड रिपोर्ट के तौर पर छपी. इसके बाद खबर से देशभर में सनसनी मच गई. दत्त साब की तरफ से रामजेठमलानी ने 1 करोड़ का नोटिस भेज दिया. 19 अप्रैल को जैसे ही संजय दत्त भारत वापस लौटे वैसे ही उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया. खास बात है कि संजय ने दलजीत की बातों को अमल में नहीं लाया और अपने दोस्तों के जरिए हथियारों को नष्ट करने की कोशिश की.

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इस बात का भी खुलासा हुआ था कि किस तरह से संजय के दोस्त यूसुफ़ नलवाला ने संजय दत्त के रूम से एके-56 लेकर, उसे टुकड़ों में काटकर अपने एक स्टील कारोबारी दोस्त के यहां गलाने की कोशिश की थी. बलजीत परमार कहते हैं कि इस स्टोरी कवर करने के बाद से दत्त साब ने कभी मुझसे बात नहीं की और ना ही संजय दत्त ने की थी.

Sanju Movie में मीडिया को खूब बदनाम किया गया है. साफ तौर पर ऐसा दर्शाया गया है कि मीडिया की वजह से संजय दत्त को इतनी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सही है, फिल्म वाले हैं कुछ भी दिखा सकते हैं, इनके पास अपनी छवि सुधारने के लिए एक मौका जरूर होता है, जिसका ये भरपूर फायदा उठाते है, उठा रहे हैं. आज पूरे देश को संजय दत्त के लिए सहानुभूति है लिहाजा संजू कामयाब है.

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राजू शायद ये दिखाना भूल गए कि शिवसेना के खिलाफ कहने वाले दत्त साब ने मदद की गुहार की. मर्दानगी की पहचान कहे जाने वाले संजय दत्त के बारे में राजू शायद ये दिखाना भूल गए कि कैमरे के आगे मीडिया को गाली देने वाला शख्स असल जिंदगी में कभी मर्द नहीं हो सकता, इसे कायरता कहते हैं. अगर संजय दत्त के मा्मले में मीडिया गलत है तो देश का कानून भा पूरी तरह से जिम्मेदार है. (ये लेखक के निजी विचार हैं)

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